नीमच। श्रीमान अरविन्द दरिया, विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985) नीमच के द्वारा 120 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी करने वाले 2 आरोपीगण (1) कारूलाल पिता लक्ष्मीनारायण सुतार, उम्र-33 वर्ष तथा (2) नरेन्द्र पिता गोपाल सुतार, उम्र-27 वर्ष, दोनों निवासीगण-ग्राम उचेड़, जिला नीमच को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8/(सी), 25 के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं क्रमशः 2,00,000 व 1,00,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।

श्री चंचल बाहेती, लोक अभियोजक द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 5 वर्ष पूर्व दिनांक 03.01.2017 की होकर शाम के लगभग 6 बजे थाना नीमच सिटी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेवली-देवली व बिसलवास सोनगरा रोड़, नीमच की हैं। थाना नीमच सिटी में पदस्थ नागेश यादव को मुखबीर सूचना प्राप्त हुई कि नरेन्द्र व कारूलाल नाम के 2 व्यक्ति बिना नंबर की बोलेरो पिकअप से डोडाचूरा की तस्करी करने वाले हैं। मुखबिर सूचना के आधार पर एस.आई. नागेश यादव द्वारा फोर्स सहित मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुचकर नाकाबंदी की गई जहां उन्हें बिना नंबर वाला वाहन आता दिखाई दिया, जिसको रोका तथा उसमें मुखबिर द्वारा बताये नाम के दोनों व्यक्ति बैठे हुए थे। इसके बाद वाहन की तलाशी लिये जाने पर उसके पिछले भाग में 2 सफेद प्लास्टिक के कट्टो में क्रमशः 59 किलोग्राम व 61 किलोग्राम, इस प्रकार कुल 120 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा रखा हुआ था। मौके से आरोपीगण को गिरफ्तार कर व बोलेरो पिकअप को जप्तकर उनके विरूद्ध पुलिस थाना नीमच सिटी में अपराध क्रमांक 03/2017, धारा 8/15(सी) एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। विवेचना के दौरान जप्तशुदा वाहन आरोपी कारूलाल के नाम से ही होना पाया जाने से धारा 25 एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 की वृद्धि कर शेष आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान विवेचक, जप्ती अधिकारी, फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराते हुवे आरोपीगण द्वारा अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए उन्हें कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी कारूलाल को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8/15(सी) व धारा 25 एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000-1,00,000रू. जुर्माना तथा आरोपी नरेन्द्र को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8/15(सी) 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री चंचल बाहेती, लोक अभियोजक द्वारा की गई।